Thursday, August 23, 2018

सदस्य-सचिव

सदस्य-सचिव

अजय कुमार
सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति, जोरहाट
कार्यालय
राजभाषा अनुभाग
सीएसआईआर-उत्‍तर-पूर्व विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी संस्‍थान
जोरहाट-785006 आसाम
फोन: 0376 2370117 / 2370121 *2227 (कार्यालय)
फैक्‍स : 0376 2370115 (कार्यालय अवधि : सुबह 8.30 से सायं 5.00) मोबाईल : 09435246229
इ मेल : ajaykumar.neist@nic.in    ajayhindi@yahoo.com

अध्यक्ष


डॉ वी एम तिवारी , निदेशक
अध्‍यक्ष, नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति, जोरहाट 
एवं 
    निदेशक
  सीएसआईआर-उत्‍तर-पूर्व विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी संस्‍थान, जोरहाट

निदेशक सचिवालय
फोन - 91(0)376-237012(सीधे)  
फैक्‍स - 91(0)376-237011
इमेल - - director@neist.res.in, drrljt@csir.res.in

Dr V M Tiwari
Director,
CSIR-Noth East Institute of Science and Technology, Jorhat
Chairman
Town Official Language Implementation Committee, Jorhat

डॉ. वीरेंद्र एम. तिवारी, सीएसआईआर-उत्तर पूर्व विज्ञान तथा प्रोद्योगिकी संस्थान (सीएसआईआर-निस्ट), जोरहाट, भारत में निदेशक और जेसी बोस नेशनल फेलो के पद पर कार्यरत हैं। वे भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के उपाध्यक्ष और 70 सदस्य देशों के भूविज्ञान संघ, आईयूजीजी ब्यूरो के सदस्य के रूप में भी कार्यरत हैं। वे 2016 से 2022 तक सीएसआईआर-एनजीआरआई के निदेशक और एनसीईएसएस, तिरुवनंतपुरम, भारत के निदेशक (2015-16) रहे थे। डॉ. तिवारी ने एम.एससी. (टेक.) 1992 में भूभौतिकी में और पीएच.डी.(भूभौतिकी) 1998 में दोनों बी.एच.यू., वाराणसी से। उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र ग्रेविमेट्री, हाइड्रोलॉजी और जियोडायनामिक्स हैं। डॉ. तिवारी की शोध रुचि मुख्य रूप से वैज्ञानिक और सामाजिक अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए प्रासंगिक उपसतह जन वितरण और जन परिवहन को समझने पर केंद्रित है, जैसे कि भारतीय स्थलमंडल में विभिन्न भूवैज्ञानिक सेटिंग्स की संरचना और गतिशीलता को स्पष्ट करना, भारतीय उपमहाद्वीप में जल भंडारण में भिन्नता और उप-बेसाल्टिक तलछटों का मानचित्रण। उनकी वर्तमान रुचि बदलते परिदृश्यों में जल संसाधनों के प्रबंधन के लिए बड़े पैमाने पर हाइड्रोलॉजिकल मॉडलिंग के साथ भूभौतिकीय डेटासेट का एकीकरण है। वे राष्ट्रीय योग्यता छात्रवृत्ति के प्राप्तकर्ता हैं; ओएनजीसी-एईजी सर्वश्रेष्ठ थीसिस पुरस्कार; आईएनएसए, सीएसआईआर, यूपी एसएंडटी से युवा वैज्ञानिक पुरस्कार; आईजीयू द्वारा कृष्णन स्वर्ण पदक, खान मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार, और तीनों विज्ञानों की फैलोशिप, राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ऑफ इंडिया और कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समितियों के सदस्य भी हैं।

Virendra M. Tiwari Dr. Virendra M. Tiwari holds the position of Director and JC Bose National Fellow, CSIR- North East Institute of Science & Technology (CSIR-NEIST), Jorhat, India. He is also serving as VicePresident of Indian National Science Academy and Member of IUGG Bureau, a geoscience union of 70 member countries. He had been the Director of CSIR-NGRI from 2016 to 2022 and the Director of NCESS, Thiruvananthapuram, India (2015-16).   Dr. Tiwari did M.Sc. (Tech.) in Geophysics in 1992 and Ph.D (Geophysics) in 1998 both from BHU, Varanasi. His areas of specialization are Gravimetry, Hydrology and Geodynamics. Dr. Tiwari’s research interests primarily focus on deciphering subsurface mass distribution and mass transport relevant to a wide range of scientific and societal applications such as elucidating the structure and dynamics of different geological settings in the Indian lithosphere, variation in water storage over the Indian subcontinent and mapping of sub-basaltic sediments. His current interest is integration of geophysical datasets with large scale hydrologic modelling for management of water resources in changing scenarios.   He is a recipient of the National Merit Scholarship; ONGC-AEG Best Thesis Award; Young Scientist Awards from INSA, CSIR, UP S&T; Krishnan Gold Medal by IGU, National Awards by Ministry of Mines & Ministry of Earth Sciences, GoI, and Fellowships of all three science National Science Academy of India. He is also a member of several national and international committees.



Friday, July 3, 2015

राजभाषा कार्यान्‍वयन संबंधी परिपत्र Circulars regarding implementation of Rajbhasha


राजभाषा विभाग द्वारा जारी आदेश
 

संघ की राजभाषा नीति

संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है । संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतराष्ट्रीय रूप है {संविधान का अनुच्छेद 343 (1)} । परन्तु हिंदी के अतिरिक्त अंग्रेजी भाषा का प्रयोग भी सरकारी कामकाज में किया जा सकता है (राजभाषा अधिनियम की धारा 3) ।

संसद का कार्य हिंदी में या अंग्रेजी में किया जा सकता है । परन्तु राज्यसभा के सभापति महोदय या लोकसभा के अध्यक्ष महोदय विशेष परिस्थिति में सदन के किसी सदस्य को अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुमति दे सकते हैं । {संविधान का अनुच्छेद 120}

किन प्रयोजनों के लिए केवल हिंदी का प्रयोग किया जाना है, किन के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का प्रयोग आवश्यक है और किन कार्यों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाना है, यह राजभाषा अधिनियम 1963, राजभाषा नियम 1976 और उनके अंतर्गत समय समय पर राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए निदेशों द्वारा निर्धारित किया गया है ।

नराकास की गतिविधियां







यूको बैंक, अंचल कार्यालय, जोरहाट एवं
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (निस्ट, जोरहाट)
के संयुक्त तत्वावधान में
 यूको बैंक “जी डी बिड़ला स्मृति व्याख्यानमाला”
व्याख्यान विषय
“पूर्वोत्तर भारत में बदलते जलवायु परिदृश्य में मिट्टी और जल प्रबंधन ”
30 मार्च, 2021
ऑनलाइन संगोष्ठी

नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति, जोरहाट के सदस्‍य कार्यालय यूको बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय, जोरहाट ने समिति कार्यालय निस्ट के संयुक्त तत्वावधान में राजभाषा हिंदी के कार्यान्‍वयन में गति प्रदान करने के लिए “जी डी बिड़ला स्मृति व्याख्यानमाला” के अंतर्गत वैज्ञानिक विषय “पूर्वोत्तर भारत में बदलते जलवायु परिदृश्य में मिट्टी और जल प्रबंधन ” पर ऑनलाइन संगोष्ठी आयोजित किया गया । 





यूको बैंक, अंचल कार्यालय, जोरहाट एवं
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (निस्ट, जोरहाट)
के संयुक्त तत्वावधान में
 यूको बैंक “जी डी बिड़ला स्मृति व्याख्यानमाला”
व्याख्यान विषय
पर्यावरण एवं ऊर्जा
17 जनवरी, 2020

 

 


 Ø      स्वागत
Ø      मंच पर मुख्य अतिथि, निस्ट के मुख्य वैज्ञानिक श्री सुबोध कलिता का स्वागत
Ø      मंच पर वक्ता-1 डॉ अनिल कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, निस्ट का परिचय एवं स्वागत
Ø      मंच पर वक्ता-2 डॉ मोहन लाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक, निस्ट का परिचय एवं स्वागत
Ø      सूत्र संबोधन – श्री अमरदीप कुलश्रेष्ठ, मुख्य प्रबंधक (राजभाषा)
Ø      वक्ता-1: डॉ अनिल कुमार सिंह द्वारा व्याख्यान
Ø      व्याख्यान के पश्चात प्रश्न/चर्चा सत्र
Ø      अंतराल : कविता प्रस्तुति/अल्पाहार
Ø      वक्ता-2 : डॉ मोहन लाल द्वारा व्याख्यान
Ø      व्याख्यान के पश्चात प्रश्न/चर्चा सत्र
Ø      सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) श्री अजय कुमार द्वारा सभा को संबोधन
Ø      श्री सुबोध कलिता, अध्यक्ष, नराकास का संदेश
Ø      नराकास सदस्य द्वारा धन्यवाद ज्ञापन
स्थान
बायोटेक्नोलोजी सेमिनार हाल

सीएसआईआर-उत्तर पूर्व विज्ञान तथा प्रोद्योगिकी संस्थान,   जोरहाट

स्वतन्त्रता दिवस के उपलक्ष्य में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, जोरहाट एवं ओएनजीसी, जोरहाट के संयुक्त तत्वावधन में  ओएनजीसी कार्यालय परिसर में प्रतियोगिता

स्वतन्त्रता दिवस 2018 के उपलक्ष्य में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, जोरहाट एवं ओएनजीसी, जोरहाट के संयुक्त तत्वावधन में  ओएनजीसी कार्यालय परिसर, सिनामारा, जोरहाट में निम्नलिखित प्रतियोगिता पखवाड़ा का आयोजन किया गया:
क्रं
प्रतियोगिता
दिनांक
स्थान
विषय
प्रतियोगी
1.
निबंध प्रतियोगिता
22अगस्त 2018
ऑनलाइन भेजें :
“विश्व मंच में भारत की बदलती तस्वीर”
1.ओ एन जी सी के कार्मिक
2.नराकास, जोरहाट के सदस्य कार्यालयों के कार्मिक 
2.
कविता वाचन प्रतियोगिता
23अगस्त 2018
धनसिरी भवन सभागार, ओ एन जी सी, समय : दोपहर:2.30 बजे
कोई भी देशभक्ति कविता
1.ओ एन जी सी के कार्मिक
2.नराकास, जोरहाट के सदस्य कार्यालयों के कार्मिक 
3.
भाषण प्रतियोगिता
27अगस्त 2018
धनसिरी भवन सभागार, ओ एन जी सी, समय : दोपहर:2.30 बजे
इस सदन का मत है कि “भारत को मिली आजादी एक राजनैतिक आज़ादी है”
1.ओ एन जी सी के कार्मिक
2.नराकास, जोरहाट के सदस्य कार्यालयों के कार्मिक 
4.
फोटोग्राफी  प्रतियोगिता
22अगस्त 2018
कक्ष सं 331, धनसिरी भवन में भेजें या ऑनलाइन भेजें :
तस्वीरों से बोलता भारत (भारत की सांस्कृतिक, राजनैतिक परिदृश्यों पर आधारित)
1.ओ एन जी सी के कार्मिक
2.नराकास, जोरहाट के सदस्य कार्यालयों के कार्मिक 

पुरस्कार वितरण समारोह 14 सितम्बर 2018 को हिन्दी दिवस के अवसर पर धनसिरी भवन सभागार, ओ एन जी सी में आयोजित किया गया  ।
             
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, जोरहाट एवं यूको बैंक, अंचल कार्यालय, जोरहाट के संयुक्त तत्त्वावधान  में दिनांक 21 दिसंबर, 2017 को आयोजित हिंदी कार्यशाला 
यूको बैंक, अंचल कार्यालय, जोरहाट द्वारा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, जोरहाट के साथ संयुक्त रूप से दिनांक 21 दिसंबर, 2017 को हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया । यह आयोजन नराकास कार्यालय, उत्तर-पूर्व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, जोरहाट के कार्यालय परिसर में स्थित असीमा चटर्जी कक्ष में किया गया। इसमें यूको बैंक सहित तीन बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी कुल 17 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता यूको बैंक, अंचल कार्यालय, जोरहाट के उप अंचल प्रमुख श्री बी. पी. कर्मकार द्वारा की गई।     
 प्रतिभागियों के औपचारिक परिचय के पश्चात हिंदी कार्यशाला की शुरुआत श्री अमरदीप कुलश्रेष्ठ, वरिष्ठ प्रबंधक(राजभाषा), अंचल कार्यालय, जोरहाट द्वारा प्रतिभागियों के स्वागत एवं संक्षिप्त संबोधन के साथ हुई। इसके पश्चात सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, जोरहाट ने कार्यशाला के विषय “हिंदी में कामकाज: नियम एवं व्यवहार” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत संघ की राजभाषा हिंदी को बनाए जाने के पीछे समग्र भारत के विद्वान मनीषियों एवं राजनीतिज्ञों की संयुक्त चेतना और दूरदर्शिता छिपी हुई है। भाषा की दृष्टि से भारत एक ऐसा राष्ट्र  है जिसमें अनेक प्रमुख भाषाएँ और एक हज़ार से ऊपर बोलियाँ प्रयोग में लाई जाती हैं। इसी कारण राजभाषा को लेकर काफी समय तक चले विचार-विमर्श के पश्चात संविधान सभा ने हिंदी को ही संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकृत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजभाषा से संबंधित जितने भी नियम एवं उपबंध बनाए गए हैं उनका उद्देश्य हिंदी के सरल, व्यावहारिक और सर्वसमावेशी रूप को प्रचारित करना है। प्रत्येक भारतीय नागरिक को यह अधिकार दिया गया है कि वह अपनी भाषा में अपने प्रशासन से संवाद कर सकता है और यदि उसे हिंदी या अंग्रेजी समझने में कठिनाई आती हो तो वह अपनी स्वयं की भाषा में आरोप-पत्र आदि दिए या समझाए जाने की मांग भी कर सकता है।  



स्वल्पाहार के पश्चात श्री अमरदीप कुलश्रेष्ठ एवं श्री अजय कुमार, सचिव नराकास, जोरहाट ने सम्मिलित रूप से प्रोजेक्टर पर भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भारतीय भाषाओं के सापेक्ष राजभाषा हिंदी की स्थिति पर प्रकाश डाला। यह भी सूचित किया गया कि भारत में राष्ट्रभाषा कोई एक भाषा नहीं है अपितु आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाएँ राष्ट्रभाषा कहलाने योग्य हैं। राजभाषा अवश्य ही हिंदी है किंतु इसके साथ अंग्रेजी को सहभाषा के रूप में तब तक सरकारी कार्यालयों उपयोग में लाते रहना है जब तक कार्यालयों में केवल हिंदी में कामकाज सहज रूप से ग्राह्य न हो जाए एवं सभी कर्मचारी हिंदी में कार्य करने योग्य न हो जाएँ।

हिंदी के संविधान-सम्मत स्वरूप पर भी वृहत् विवेचन किया गया। बताया गया कि देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी ही राजभाषा हिंदी के रूप में स्वीकृत की जाती है। इसके साथ ही अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप है जो मूलत: भारत से ही निकला और बाद में अरब के रास्ते यूरोप में पहुँचा था ।
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 अन्य भारतीय भाषाओं के सापेक्ष राजभाषा हिंदी की स्थिति पर भी विस्तार से विवेचन किया गया। सूचित किया गया कि राजभाषा अधिनियम की धारा 351 में हिंदी का विकास इस प्रकार करने की बात कही गई है जिससे अन्य भारतीय भाषाओं की अभिव्यक्तियों को हिंदी में व्यक्त करने की क्षमता हिंदी में सदैव विकसित होती रहे और हिंदी भारत की सामासिक संस्कृति को प्रकट करने का सक्षम माध्यम बने। भारत विविधताओं भरा देश है और इसकी इस अनूठी विलक्षणता की निश्चय ही रक्षा की जानी चाहिए। यह ध्यान रखा गया है कि हिंदी को राजभाषा बनाए जाने के चलते अन्य भारतीय भाषाओं एवं भाषा भाषी नागरिकों के साथ कोई भेदभाव न हो बल्कि राज्य और संघ द्वारा उनकी बात को उनकी भाषा में स्वीकार करने हेतु समुचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए राज्यों को उनके स्तर पर अपनी अपनी राजभाषा चुनने का अधिकार भी प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त राजभाषा अधिनियम की अन्य धाराओं में व्यक्त राजभाषा संबंधी प्रावधानों पर भी संक्षेप में प्रकाश डाला गया । 

उपस्थितों को यह भी बताया गया कि राजभाषा संबंधी निर्देशों के अनुपालन में प्रेरणा, प्रोत्साहन और पुरस्कार की नीति को अपनाया गया है, लेकिन जान-बूझकर विभिन्न निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान भी रखा गया है।  

कार्यशाला के अंत में उप अंचल प्रमुख श्री बी. पी. कर्मकार ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि राजभाषा कार्यान्वयन भारतीय संविधान के निर्देशों के अनुपालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें हिंदी भाषा प्रशिक्षण का सबसे ज्यादा महत्व है। हिंदी जानने के बाद कार्यालय में उसका अच्छे से उपयोग हो सके इसके लिए हिंदी का अभ्यास आवश्यक है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए हिंदी कार्यशालाएँ आयोजित की जाती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह हिंदी कार्यशाला सभी प्रतिभागियों के लिए सुरुचिपूर्ण और सूचनाप्रद रही है। जो भी महत्वपूर्ण बातें कार्यशाला में सीखी गई हैं उन्हें प्रतिभागी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अवश्य उपयोग में लाएँ। हिंदी प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दें।
यूको बैंक, अंचल कार्यालय, जोरहाट में सुरक्षा अधिकारी श्री राम बिलास बैठा ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में निस्ट, जोरहाट के कार्यालय, विशेष रूप से नराकास सचिव श्री अजय कुमार को विशेष रूप से धन्यवाद दिया जिन्होंने कार्यशाला के लिए एक उपयुक्त कक्ष एवं प्रोजेक्टर आदि की व्यवस्था की। साथ ही यूको की शाखाओं एवं अन्य बैंकों से पधारे प्रतिभागियों का भी आभार माना जिन्होंने कार्यशाला में अपनी उपस्थिति दर्ज की। तत्पश्चात कार्यशाला समाप्त हुई। 

पूर्वाशा हिन्दी अकादमी, जोरहाट के काव्य-संगोष्ठी पर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का योगदान 




नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, जोरहाट एवं ओएनजीसी, जोरहाट के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 11.07.2017  को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर वाद- विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
बाएँ से श्री विजय प्रकाश (महाप्रबंधक)-प्रभारी-मानव संसाधन, नगर राजभाषा कार्यन्वयन समिति के सदस्य-सचिव डॉ अजय कुमार, निर्णायक श्री संजय किशोर वास्तव,(महाप्रबंधक)-प्रमुख वेधन सेवाएँ

राजभाषा के रूप में हिन्दी के प्रयोग को कार्यालयों में बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है इन्हीं विचारों को ध्यान में रखते हुए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, जोरहाट के सभी कार्यालयों के बीच ओ एन जी सी, जोरहाट कार्यालय के सहयोग से एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । इसके लिए 11 जुलाई 2017 को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर “ बढ़ती जनसंख्या भारत के लिए चुनौती या एक स्वर्णिम अवसर” विषय पर वाद –विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विजय प्रकाश (महाप्रबंधक)-प्रभारी-मानव संसाधन एवं नगर राजभाषा कार्यन्वयन समिति के सदस्य-सचिव डॉ अजय कुमार जी थे | विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सीनियर कमांडेंट श्री प्रबोध चंद्रा एवं निर्णायक के रूप में श्री संजय किशोर श्रीवास्तव,(महाप्रबंधक)-प्रमुख वेधन सेवाएँ उपस्थित थे | कार्यक्रम का संचालन  करते हुए राजभाषा अधिकारी श्री जय प्रकाश पांडे द्वारा सभी अतिथियों का एवं नगर राजभाषा कार्यान्वयन  समिति के सदस्य कार्यालयों से आए सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया | 
श्री विजय प्रकाश (महाप्रबंधक)-प्रभारी-मानव संसाधन द्वारा  सभी गणमान्य अतिथियों का पुस्तक भेंट कर स्वागत किया गया एवं  विश्व जनसंख्या दिवस की उपयोगिता एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश  डाला | मुख्य अतिथि डॉ॰ अजय कुमार जी ने ओएनजीसी जोरहाट द्वारा विगत वर्षों में किए गए प्रयासों  की सराहना करते हुए राजभाषा अधिकारी जय प्रकाश पांडे को  राजभाषा में समसामयिक मुद्दों पर आधारिक कार्यक्रम कराने की इस वाद-विवाद प्रतियोगिता रूपी पहल के लिए बधाई दी |
विश्व जनसंख्या दिवस मनाए जाने के कारण एवं उससे जुड़े अन्य मुद्दों पर डॉ॰ अजय कुमार द्वारा विस्तार से चर्चा की गयी | इसके बाद वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | इस प्रतियोगिता में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य कार्यालयों से यथा ओ एन जी सी, भारतीय जीवन बीमा निगम, नवोदय विद्यालय, वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, केंद्रीय अद्योगिक सुरक्षा बल   आदि कार्यालयों के प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में भाग  लिया  |
कार्यक्रम के द्वितीय  चरण में निर्णायक श्री संजय किशोर वास्तव,(महाप्रबंधक)-प्रमुख वेधन सेवाएँ  द्वारा  प्रतियोगियों  द्वारा प्रस्तुत की गयी विषयवस्तु  पर चर्चा की गयी | इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार सुश्री पूजा तिवारी, ओ एन जी सी, द्वितीय पुरस्कार श्री योगेश सजवान,केंद्रीय अद्योगिक सुरक्षा बल,  तृतीय पुरस्कार श्री दीपेंद्र सिंह भदौरिया केंद्रीय अद्योगिक सुरक्षा बल एवं सांत्वना पुरस्कार विक्रांत कुमार, ओ एन जी सी को प्राप्त हुआ | इसके बाद गणमान्य अतिथियों द्वारा प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया |
कार्यक्रम के अंत में राजभाषा अधिकारी  श्री जय प्रकाश पांडे द्वारा श्री विजय प्रकाश (महाप्रबंधक)-प्रभारी-मानव संसाधन के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राजभाषा कार्यान्वयन के लिए  किए गए अन्य कार्यों का भी ब्यौरा देते हुए राजभाषा कार्यान्वयन में सर्वोकृष्ट कार्य करने की ओएनजीसी जोरहाट की प्रतिबद्धता को जाहिर  किया | 


कार्यशाला कार्यसूची 
हिन्दी आईटी टूल्स पर हिन्दी कार्यशाला का आयोजन NewsPaper Clip 1 2
16 फरवरी 2016 को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति जोरहाट द्वारा जोरहाट अवस्थित केंद्र सरकार के कार्यालयों के लिए  "हिंदी में आईटी टूल्स का प्रयोग" विषय पर एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया । भारत सरकार, राजभाषा विभाग के दिशा निर्देश के अनुसरण में कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य था केंद्र सरकार के कार्यालयों में कंप्यूटर के माध्यम से राजभाषा के रुप में  हिंदी कार्य को बढ़ावा देना, कंप्यूटर पर उपलब्ध हिंदी में काम करने के लिए आईटी टूल्स के प्रयोग का प्रशिक्षण प्रदान करना । कार्यशाला में कुल 25 कार्यालयों के कंप्यूटर विशेषज्ञ अधिकारी/ कर्मचारी ने भाग लिया । प्रतिभागी कार्यालयों में मुख्य  आर्मी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल,  केंद्रीय रेशम अनुसंधान केंद्र, ऑइल एवं नेचरल गेस कॉरपोरेशन, राष्ट्रीय जीवन बीमा निगम, भारतीय जीवन बीमा निगम, भारतीय खाद्य निगम, भारतीय स्टेट बैंक, जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय मुगा एवं एरी अनुसंधान संस्थान, भारत संचार निगम, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय, सेंट्रल बैंक, ऑल इंडिया लिमिटेड, वर्षा वन अनुसंधान संस्थान आदि ने भाग लिया । 
कार्यशाला के दौरान सचिव श्री अजय कुमार (बाएँ से बैनर के पास)  के साथ समूहिक फोटो में विभिन्न कार्यालयों के प्रतिभागीगण  

ज्ञातव्य  हो कि नगर राजभाषा कार्यांवयन समिति जोरहाट नगर के केंद्रीय कार्यालय में राजभाषा हिंदी के विकास के लिए कार्यरत है समय-समय पर बैठक  आयोजित करती है जिसमें केंद्र सरकार के कार्यालयों के प्रधान अथवा प्रतिनिधियों का उपस्थित होना अनिवार्य होता है । बैठक में राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित होते हैं एवं सभी कार्यालयों में राजभाषा विकास की समीक्षा की जाती है । उक्त बैठक में इस प्रकार की कार्यशाला के आयोजन की आवश्यकता महसूस की गई एवं यह निर्णय लिया गया कि कंप्यूटर पर हिंदी में काम करने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया जाना चाहिए । इस प्रकार इस कार्यशाला में सरल से सरल तरीके से हिंदी में काम करने की सुविधा संबंधी आईटी  टूल्स की जानकारी दी गई । राजभाषा विभाग द्वारा तैयार मंत्र, प्रवाचक (टेक्स्ट टु स्पीच)  सॉफ्टवेयर की जानकारी दी गई जिसके माध्यम से अंग्रेजी से हिंदी में  अनुवाद किया जा सकता है । हिंदी से अंग्रेजी एवं अंग्रेजी से हिंदी गूगल ट्रांसलेट एवं गूगल वॉइस टाइपिंग की भी  जानकारी दी गई । प्रतिभागियों ने प्रायोगिक रुप से इस कार्य को किया एवम अपने कार्यालय के सभी कंप्यूटर पर प्रयोग का आश्वासन दिया ।  अंत में सभी प्रतिभागियों को सचिव द्वारा प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया ।


यह आयोजन भारतीय स्टेट बैंक प्रशासनिक कार्यालय, जोरहट के ज्ञानार्जन केंद्र में आयोजित किया गया । कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक श्री एन के मालवीय द्वारा किया गया एवं संचालन समिति के सचिव श्री अजय कुमार ने किया । स्टेट बैंक  ज्ञानार्जन केंद्र के सहायक महाप्रबंधक श्रीमती रत्नावती डे ने भी अपना सहयोग प्रदान किया ।   यूको बैंक के  वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्री प्रवीण कुमार घोष संकाय सदस्य के रुप में कार्यशाला में उपस्थित थे इसके अलावा सेंट्रल बैंक  के राजभाषा अधिकारी श्री रेवती  कुमार एवं भारतीय स्टेट बैंक के राजभाषा अधिकारी श्रीमती रुबी कुमारी भी मौजूद थी ।   

1. 30 अप्रेल 2014 :
 सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा  राजभाषा कार्यान्वयन समिति जोरहाट के तत्वावधान  में  आयोजित हिंदी संगोष्ठी सह हिंदी कार्यशाला का विवरण    


2. 03 सितंबर 2014 :
सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा  राजभाषा कार्यान्वयन समिति जोरहाट के तत्वावधान  में  आयोजित हिंदी संगोष्ठी सह हिंदी कार्यशाला का विवरण  

3. 30 एवं 31 मई 2015 को असम राज्य राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन, जोरहाट में अध्यक्ष नराकास, जोरहाट एवं सचिव की प्रमुख भूमिका   समाचार क्लिप 1